ओल्ड टेस्टामेंटHIOV

भजन संहिता 123

1यात्रा का गीत हे स्वर्ग में विराजमान मैं अपनी आँखें तेरी ओर लगाता [1] हूँ!

2देख, जैसे दासों की आँखें अपने स्वामियों के हाथ की ओर, और जैसे दासियों की आँखें अपनी स्वामिनी के हाथ की ओर लगी रहती हैं, वैसे ही हमारी आँखें हमारे परमेश्‍वर यहोवा की ओर उस समय तक लगी रहेंगी, जब तक वह हम पर अनुग्रह न करे।

3हम पर अनुग्रह कर, हे यहोवा, हम पर अनुग्रह कर, क्योंकि हम अपमान से बहुत ही भर गए हैं।

4हमारा जीव सुखी लोगों के ठट्ठों से, और अहंकारियों के अपमान से बहुत ही भर गया है।